पीएम किसान सम्मान निधि योजना 2025 में बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने हाल ही में नोटिस जारी कर बताया है कि करीब 1 लाख किसानों को योजना से बाहर कर दिया गया है। इसका मुख्य कारण e-KYC अधूरा होना, आधार-बैंक लिंकिंग न होना, गलत दस्तावेज जमा करना और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी त्रुटियाँ बताई जा रही हैं। जो किसान योजना से बाहर हो गए हैं, उन्हें अपने दस्तावेज दोबारा सत्यापित करवाने होंगे। वहीं, नए योग्य किसान अभी भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और सालाना ₹6,000 की किस्त का लाभ उठा सकते हैं।
हाइलाइट
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan)
- नया अपडेट: लगभग 1 लाख किसान योजना से बाहर
- कारण: अधूरी e-KYC, गलत विवरण, आधार-बैंक खाता लिंक न होना, भूमि रिकॉर्ड गड़बड़ी
- लाभ राशि: ₹6,000 वार्षिक (₹2,000 की 3 किस्तों में)
- नया नोटिस: सरकार ने दस्तावेज़ सत्यापन और e-KYC अनिवार्य किया
- पात्र किसान: छोटे और सीमांत किसान
- आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन पोर्टल (pmkisan.gov.in) या CSC केंद्र से
- जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज़, मोबाइल नंबर
- कुल लाभार्थी: 9.7 करोड़ किसान (20वीं किस्त तक)
- संपर्क हेल्पलाइन: 1800-180-1551
उद्देश्य
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। खेती में लगने वाले खर्च, खाद-बीज की खरीद और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है ताकि बिचौलियों से बचा जा सके। नया नोटिस जारी कर सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल पात्र किसान ही योजना का लाभ प्राप्त करें। गलत दस्तावेज या डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन से बचाव ही इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ केवल छोटे और सीमांत किसानों को दिया जाता है। जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि है, वही इस योजना के पात्र हैं। किसान पुरुष या महिला दोनों आवेदन कर सकते हैं। योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड में दर्ज है। सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति, करदाता, और संस्थागत भूमि मालिक इस योजना में आवेदन नहीं कर सकते। साथ ही, परिवार के किसी एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिल सकता है। यानी एक ही परिवार के कई लोग इस योजना में शामिल नहीं हो सकते।
पात्रता
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
- किसान के नाम पर कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
- छोटे और सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक भूमि वाले) पात्र हैं।
- आवेदक का नाम राज्य सरकार के भूमि रिकॉर्ड में होना चाहिए।
- परिवार के केवल एक सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा।
- आयकर दाता किसान योजना से बाहर रखे गए हैं।
- सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी या उच्च आय वर्ग के लोग योजना के पात्र नहीं हैं।
- e-KYC और आधार-बैंक खाता लिंक अनिवार्य है।
डॉक्युमेंट
- आधार कार्ड: पहचान प्रमाण हेतु
- बैंक पासबुक/खाता विवरण: लाभ राशि सीधे खाते में जमा करने के लिए
- मोबाइल नंबर: OTP और सूचना के लिए
- भूमि रिकॉर्ड/खसरा-खतौनी: पात्रता की पुष्टि के लिए
- निवास प्रमाण पत्र: राज्य और पते की पुष्टि के लिए
- पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदन फॉर्म में लगाने के लिए
इन दस्तावेजों के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा। सरकार समय-समय पर e-KYC और आधार सत्यापन को भी अनिवार्य करती है।
आवश्यकताएं
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान को कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे पहले आवेदक का नाम भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए। आधार कार्ड और बैंक खाता आपस में लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही, e-KYC पूरी करनी होगी, अन्यथा किस्त रोक दी जाएगी। किसान को केवल सही और सत्य जानकारी देनी होगी। अगर कोई गलत दस्तावेज या डुप्लीकेट जानकारी देता है तो उसका नाम योजना से हटा दिया जाएगा। मोबाइल नंबर भी सक्रिय होना चाहिए ताकि योजना से संबंधित सभी सूचनाएँ समय पर मिल सकें।
आवेदन प्रक्रिया
- पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएँ।
- “New Farmer Registration” विकल्प चुनें।
- आधार नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करें।
- OTP के जरिए सत्यापन करें।
- मांगी गई जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
- नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर भी आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदन स्वीकार होने के बाद पात्र किसान को अगली किस्त से योजना का लाभ मिलने लगेगा।
निष्कर्ष
पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए बहुत बड़ा सहारा है। हर वर्ष ₹6,000 की सीधी सहायता किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करती है। हालांकि, हाल के नोटिस में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल वही किसान योजना में बने रहेंगे जो सभी नियमों का पालन करते हैं और सही दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं। अधूरी e-KYC या गलत जानकारी देने वालों को बाहर कर दिया गया है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे समय पर अपने दस्तावेज़ और e-KYC पूरी करें ताकि योजना की किस्त का लाभ लगातार मिलता रहे।