राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (Food Security Scheme) के तहत अपात्र लोगों पर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। सरकार ने ऐसे परिवारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं, जो पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते लेकिन फिर भी सस्ते राशन का लाभ ले रहे हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, यह कदम ‘गिव अप अभियान’ के तहत उठाया गया है। इसमें अपात्र लोगों को 31 अगस्त 2025 तक स्वयं योजना से नाम हटाने का विकल्प दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से नाम नहीं हटाता तो विभाग उसकी जांच करेगा और नोटिस भेजकर कारण पूछा जाएगा।
किन लोगों को हटाया जाएगा योजना से?
सरकार ने निष्कासन श्रेणी (Exclusion Category) तय की है, जिसमें आने वाले लोगों को योजना से बाहर किया जाएगा। इसमें शामिल हैं –
- परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता (Income Tax Payer) हो।
- परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी/अर्द्धसरकारी नौकरी करता हो या सालाना ₹1 लाख से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो।
- जिनके पास चारपहिया वाहन (Car/Jeep आदि) है (ट्रैक्टर और जीविकोपार्जन वाले वाणिज्यिक वाहन को छोड़कर)।
- ऐसे परिवार, जिनके पास लघु किसान सीमा से अधिक कृषि भूमि हो।
- जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हो।
- ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्ग फीट से अधिक पक्का मकान रखने वाले परिवार।
- नगर निगम क्षेत्र में 1000 वर्ग फीट से अधिक, तथा नगर पालिका क्षेत्र में 1500 वर्ग फीट से अधिक पक्का मकान या व्यावसायिक परिसर रखने वाले परिवार (कच्ची बस्ती को छोड़कर)।
नोटिस जारी करने की प्रक्रिया
सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई परिवार अपात्र श्रेणी में आता है और उसने नाम नहीं हटाया तो उसे नोटिस भेजा जाएगा। नोटिस मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को 7 दिन के भीतर खाद्य सुरक्षा एवं रसद विभाग में लिखित जवाब देना होगा कि उसने योजना से नाम क्यों नहीं हटाया।
इसी के साथ सरकार ने उन किसानों को भी नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं जिनके पास 2 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि है।
‘गिव अप अभियान’ क्या है?
राजस्थान सरकार का मानना है कि यह योजना केवल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए है। इसलिए अपात्र लोग स्वेच्छा से बाहर निकलें ताकि वाकई जरूरतमंदों तक मुफ्त और सस्ते राशन की सुविधा पहुंच सके।
इस अभियान के तहत 31 अगस्त 2025 तक लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटवा सकते हैं।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार का यह कदम खाद्य सुरक्षा योजना को पारदर्शी और लाभकारी बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय है। यदि आप भी अपात्र श्रेणी में आते हैं तो स्वेच्छा से योजना से नाम हटवा लें, वरना आपको भी नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।