प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (PMAY 2.0) का उद्देश्य देशभर के गरीब, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ते और पक्के घर उपलब्ध कराना है। यह योजना 2024–25 से 2028–29 तक लागू रहेगी। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में 1 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्रों में 2 करोड़ नए घर बनाए जाएंगे। पात्र परिवारों को ब्याज सब्सिडी, निर्माण सहायता और किराये के मकानों की सुविधा दी जाएगी। योजना में महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी गई है। आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है।
हाइलाइट
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का लक्ष्य 3 करोड़ नए घर बनाना है, जिसमें 1 करोड़ शहरी और 2 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में होंगे। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके अंतर्गत ब्याज सब्सिडी, निर्माण सहायता और किफायती किराये के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। पात्र आवेदकों को 2.5 लाख रुपये तक की केंद्रीय सहायता, 4% तक ब्याज सब्सिडी और तकनीकी अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगजनों और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना का वित्त पोषण केंद्र और राज्य सरकार द्वारा साझा किया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी है, जिसमें लाभार्थियों को ऑनलाइन पोर्टल और बैंकों के माध्यम से सुविधा दी गई है।
उद्देश्य
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 का मुख्य उद्देश्य सभी को आवास उपलब्ध कराना है। इसका लक्ष्य 2028–29 तक गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित, किफायती और पक्के घर देना है। इस योजना से बेघर लोगों, किरायेदारों और छोटे घरों में रहने वालों को फायदा होगा। साथ ही, महिलाओं और कमजोर वर्गों को स्वामित्व में प्राथमिकता देकर समाज में समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोग आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है, या जो किराये पर रहते हैं, वे भी पात्र हैं। आवेदक का परिवार पति-पत्नी और अविवाहित बच्चों से मिलकर बनेगा। महिलाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। प्रवासी मजदूर, छात्र और शहरी गरीब भी योजना के लाभार्थी हो सकते हैं।
पात्रता
पात्रता आय वर्ग के अनुसार तय की गई है। EWS की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक, LIG की 3–6 लाख रुपये और MIG की 6–9 लाख रुपये तक होनी चाहिए। आवेदक और उसके परिवार के पास पहले से पक्का घर नहीं होना चाहिए और न ही किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ लिया होना चाहिए। आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। परिवार में महिला सदस्य का नाम स्वामित्व में शामिल करना अनिवार्य है।
डॉक्युमेंट
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाता विवरण शामिल हैं। इसके अलावा संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, किराये पर रहने की स्थिति का प्रमाण और कर्ज लेने पर ऋण दस्तावेज भी जरूरी होंगे। महिला आवेदक या परिवार की महिला सदस्य का पहचान पत्र भी आवश्यक है। अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
आवश्यकताएं
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को सरकार द्वारा तय मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। उसके पास भारत का वैध नागरिकता प्रमाण होना चाहिए। आय वर्ग और पारिवारिक स्थिति का सही विवरण देना अनिवार्य है। आवेदक को आवेदन करते समय सभी दस्तावेज सही और सत्यापित रूप से प्रस्तुत करने होंगे। यदि आवेदक निर्माण हेतु सहायता चाहता है तो भूमि का स्वामित्व या वैध लीज दस्तावेज होना आवश्यक है। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए ताकि सब्सिडी सीधे जमा की जा सके।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, “Citizen Assessment” विकल्प चुनें और अपनी श्रेणी (EWS/LIG/MIG) का चयन करें। इसके बाद आधार नंबर और अन्य विवरण भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें। ऑफलाइन आवेदन करने के लिए निकटतम बैंक या आवास योजना केंद्र पर जाएं और फॉर्म भरकर जमा करें। सफल आवेदन के बाद सरकार द्वारा सत्यापन किया जाएगा और पात्र आवेदक को लाभ प्रदान किया जाएगा।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ा अवसर है। यह योजना आवास की समस्या को हल करने और हर परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने में सहायक होगी। इससे समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा, स्थिरता और सम्मान मिलेगा। महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता देकर सामाजिक समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। सरल आवेदन प्रक्रिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली से योजना पारदर्शी और प्रभावी बनी है। इस प्रकार, PMAY 2.0 भारत के “सभी को आवास” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।